Classification of Time Period of Indian History in Hindi | भारतीय इतिहास का युग

इतिहास अतीत की घटनाओं का अध्ययन है। अंग्रेजी में 'History' शब्द Greek शब्द 'हिस्टोरिया' से बना है, जिसका अर्थ है शोध, पूछताछ या जांच। इसलिए, जांच के माध्यम से प्राप्त ज्ञान को 'इतिहास' के रूप में जाना जाता है। एक इतिहासकार का कार्य अतीत को वैसा ही वर्णित करना है जैसा वह था!

Indian History time period

कालानुक्रमिक क्रम में भारतीय इतिहास: महत्वपूर्ण तिथियां

पिछली घटनाओं को decode करने में, कार्बन डेटिंग की एक प्रणाली अपनाई जाती है। इसलिए, डेटिंग की एक पद्धति को BC और AD के रूप में विकसित किया गया था।

ईसा पूर्व 'ईसा से पहले' (मसीह के जन्म से पहले) का संक्षिप्त रूप है। इसलिए, यीशु के जन्म से पहले के वर्षों को 'मसीह से पहले' के रूप में जाना जाता है। उदाहरण- गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में हुआ था और उनकी मृत्यु 483 ईसा पूर्व में हुई थी।

AD को 'एनो डोमिनि' के रूप में वर्णित किया गया है, जो एक लैटिन वाक्यांश है जिसका अर्थ है 'प्रभु के वर्ष में'। उदाहरण- हज़रत मुहम्मद का जन्म 570AD में हुआ था और उनकी मृत्यु 632 AD में हुई थी।

Period | अवधि

इतिहास को दो अवधियों में विभाजित किया गया है: Pre-historic (पूर्व-ऐतिहासिक) और historic (ऐतिहासिक)। जिस काल का कोई लिखित प्रमाण नहीं होता, वह पूर्व-ऐतिहासिक काल कहलाता है और जिस काल का लिखित प्रमाण होता है उसे ऐतिहासिक काल कहा जाता है।

इतिहास को मुख्यतः तीन चरणों में बांटा गया है| इसके अनुसार, इतिहास को तीन कालखंडों में बांटा गया है: Pre-historic (पूर्व-ऐतिहासिक), Proto-historic (आद्य-ऐतिहासिक) और Historic (ऐतिहासिक)।

  • Pre-historic age  (पूर्व-ऐतिहासिक काल) (30,00,000 ईसा पूर्व - 2,500 ईसा पूर्व): वह अवधि जिसके कोई लिखित साक्ष्य उपलब्ध नहीं है, उदाहरण- पाषाण युग
  • Proto-historic age (आद्य-ऐतिहासिक काल) (2,500BC-600BC): यह वह अवधि है जिसके लिए साक्ष्य उपलब्ध हैं, लेकिन या तो उनकी लिपि का अर्थ नहीं निकाला गया है, या पुरातात्विक साक्ष्य में लिखित दस्तावेजों की पुष्टि नहीं की गई है। उदाहरण- सिंधु घाटी की सभ्यता।
  • Historic age (ऐतिहासिक काल) (600 ईसा पूर्व से अब तक): वह अवधि जिसके लिए लिखित साक्ष्य उपलब्ध हैं, उदाहरण- महाजनपद काल से अब तक।

जर्मन इतिहासकार Christoph Cellarius (क्रिस्टोफ सेलारियस ) इतिहास के कालों को तीन काल में विभाजन किया और तीन काल को प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास के रूप में विभाजित किया। यह विभाजन standard बन गया है।

इसलिए भारतीय इतिहास को 3 period  विभाजित किया गया है।

  • प्राचीन भारत (शुरुआत-647AD) : पाषाण युग से हर्ष की मृत्यु तक
  • मध्यकालीन भारत (647-1757AD): हर्ष के अंत से प्लासी के युद्ध तक
  • आधुनिक भारत (1757- आज तक): प्लासी के युद्ध से लेकर समकालीन तक

नोट: उत्खनन में मिले औजारों के आधार पर पूर्व-ऐतिहासिक काल को तीन उप-कालों में विभाजित किया गया है - पुरापाषाण काल, दूसरा मध्यपाषाण काल और तीसरा है ताम्रपाषाण काल

Ancient India | प्राचीन भारत

  • पूर्व-ऐतिहासिक काल: 30,00,000BC-600BC
  • सिंधु सभ्यता: 2500 ई.पू.-1750 ई.पू.
  • वैदिक संस्कृति: 1500BC-600BC
  • महाजनपद काल: 600BC-322BC
  • मौर्य काल: 322BC-185BC
  • मौर्य-पूर्व/गुप्त-पूर्व काल: 185BC-319AD
  • गुप्त काल: 319AD-550AD
  • उत्तर-गुप्त काल/वर्धन राजवंश: 550AD-647AD 

Medival Period | मध्यकालीन युग

  • प्रारंभिक मध्ययुगीन काल: 647-1206 ई
  • सल्तनत काल: 1206-1626AD
  • मुग़ल काल: 1526-1707 ई

Modern Period | आधुनिक काल

ब्रिटिश उपनिवेशवाद के चरण

  • First Phase | प्रथम चरण (1757-1813): Merchantile Phase (व्यापारिक चरण)- व्यापार का एकाधिकार और राजस्व का प्रत्यक्ष विनियोग
  • Second Phase द्वितीय चरण (1813-1858): Industrial phase (औद्योगिक चरण)- मुक्त व्यापार की अवधि
  • Third Phase | तृतीय चरण(1860-1947): Financial Phase (वित्तीय चरण)- वित्त साम्राज्यवाद (भारत में ब्रिटिश पूंजी निवेश की अवधि)

भारत के प्रति ब्रिटिश नीति

  • Ring Fence Policy (रिंग फेंस पॉलिसी): 1757-1813 ई
  • Subordinate Isolation Policy (अधीनस्थ अलगाव नीति): 1813-1858 ई
  • Subordinate Union Policy (अधीनस्थ संघ नीति): 1858-1935 ई
  • Equal Federation Policy (समान संघ नीति): 1935-1947 ई

National Movement राष्ट्रीय आंदोलन

  • First Phase of Congress (कांग्रेस का प्रथम चरण) (1885-1905): Moderate Phase (मध्यम चरण)
  • Second Phase of Congress (कांग्रेस का द्वितीय चरण) (1905-1917): Extremist Phase (चरमपंथी चरण)
  • Third phase of Congress (कांग्रेस का तृतीय चरण) (1917-1947): Gandhian Phase (गांधीवादी चरण)

नोट: भारतीय समयरेखा हमें उपमहाद्वीप के इतिहास की यात्रा पर ले जाती है, अर्थात बांग्लादेश, पाकिस्तान सहित। स्वतंत्रता पूर्व भारतीय पुरातत्व उत्खनन ने इन समय-सीमाओं को निकालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समयरेखा तैयार करते समय, कई स्रोतों को ध्यान में रखा जाता है जैसे कि साहित्यिक स्रोत, स्वदेशी स्रोत, विदेश यात्रा आदि।


Frequently Asked Questions (FAQs) on Indian History Time Periods

Q. भारतीय इतिहास को कितने भागों में बांटा गया है?
Ans. भारतीय इतिहास को तीन भागों में बांटा गया है:- Ancient India (प्राचीन भारत), Medieval India मध्यकालीन भारत और आधुनिक भारत|

Q. इतिहास को मुख्यतः तीन चरणों में बांटा गया है?
Ans. इतिहास को मुख्यतः तीन चरणों में बांटा गया है:- Pre-historic (पूर्व-ऐतिहासिक), Proto-historic (आद्य-ऐतिहासिक) और Historic (ऐतिहासिक)।

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